Silver Price Soar to Record Level: चाँदी निवेशकों की एक बार फिर से चाँदी!

चाँदी ने बनाया अपना All Time high
चाँदी ने बनाया अपना All Time high

दुनिया भर के कीमती धातुओं के बाजार में इस समय चांदी सुर्खियों में है। Silver price soar to record level—यह सिर्फ एक हेडलाइन नहीं, बल्कि ग्लोबल इकोनॉमिक माहौल का एक महत्वपूर्ण संकेत है। चांदी की कीमतों में तेज उछाल ने निवेशकों, उद्योगों और आम लोगों को हैरान कर दिया है। आखिर ऐसा क्या हुआ कि चांदी नई ऊंचाइयों को छू रही है? आइए जानते हैं।

चाँदी का दाम 8 दिसम्बर को आल टाइम हाई पर पहुंचा। चाँदी का दाम 878 रुपये बढ़कर 1,79,088 रुपये के रिकाॅर्ड हाई बनाया। इससे पहले चाँदी की कीमत 1,78,210 रुपये प्रति किलोग्राम थी।

वहीं सोने के दाम में गिरावट रही। 10 ग्राम सोना 335 रुपये गिरकर 1,28,257 रुपये पर पहुँच गया। सोने ने 17 अक्टूबर को 1,30,874 रुपये का आल टाइम हाई बनाया था।

इस साल चाँदी रु.93,071 और सोना रु.52,095 मंहगा हुआ

  • चाँदी का भाव इस दौरान 93,071 रुपए बढ़ गया है। 31 दिसम्बर 2024 को एक किलो चाँदी की कीमत 86,071 रुपए थी, जो अब 1,79,088 रुपए प्रति किलो हो गयी है।
  • इस साल अब तक सोने की कीमत 52,092 रुपए बढ़ी है। 31 दिसम्बर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 76,162 रुपए का था, जो अब 1,28,257 रुपए हो गया है।

1. चांदी की कीमतों में तेजी का मुख्य कारण

चांदी एक ऐसी धातु है जिसका दोहरा उपयोग है—

  • निवेश के रूप में (Investment Metal)
  • आभूषण के रुप में (Jewellery Metal)

कीमतें बढ़ने की सबसे बड़ी वजह है इन दोनों सेक्टरों से बढ़ती मांग।

(a) निवेशकों का बढ़ता भरोसा

जब भी दुनिया में आर्थिक अनिश्चितता होती है, निवेशक गोल्ड के साथ-साथ सिल्वर में भी भारी निवेश करते हैं।

  • ब्याज दरों में कमी की उम्मीद
  • शेयर बाजार की अस्थिरता
  • डॉलर की कमजोरी

इन सभी कारकों ने चांदी को एक सुरक्षित निवेश (Safe Haven) बना दिया है।

(b) आभूषण के रुप में

भारतीय परम्परा के अनुसार सोने-चाँदी के आभूषण महिलाओं की शोभा और श्रृंगार में वृद्धि करते हैं।

भारत में चांदी के सिक्के, बर्तन, पूजा सामग्री और पारंपरिक आभूषण विशेष त्योहारों पर खूब खरीदे जाते हैं। इससे festive season में मांग और बढ़ जाती है।

जब सोने की कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ती हैं, तब लोग affordable विकल्प के रूप में चांदी के गहने खरीदते हैं।

2. आपूर्ति की कमी भी एक बड़ा कारण

विश्व भर में चांदी का उत्पादन उतनी तेजी से नहीं बढ़ रहा, जितनी तेजी से इसकी मांग बढ़ रही है।

  • कुछ देशों में खनन कंपनियों की उत्पादन क्षमता कम हुई है।
  • कई खानों में उच्च लागत के कारण उत्पादन धीमा है।
  • वैश्विक सप्लाई चेन में अभी भी रुकावटें हैं।

मांग अधिक और आपूर्ति कम—यह स्थिति हमेशा कीमतों को बढ़ाती है।

3. भू-राजनीतिक स्थितियों का असर

रूस-यूक्रेन तनाव, मध्य-पूर्व में अस्थिरता और प्रमुख देशों में चुनावी माहौल ने भी बाजार को अस्थिर किया है। जब geopolitics बिगड़ती है, तब सुरक्षित संपत्तियों की ओर रुझान बढ़ता है।
इस बार गोल्ड के साथ चांदी पर इसका असर ज्यादा दिखा है और कीमतें रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई हैं।

4. डॉलर इंडेक्स और ब्याज दरों की भूमिका

अमेरिकी डॉलर और चांदी के बीच एक उलटा संबंध होता है:

  • डॉलर कमजोर होता है → चांदी महंगी होती है
  • डॉलर मजबूत होता है → चांदी सस्ती होती है

हाल के महीनों में डॉलर इंडेक्स में कमजोरी आई, साथ ही फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें कम करने के संकेत मिले। इससे कीमती धातुओं में निवेश बढ़ा और कीमतें ऊपर चली गईं।


5. निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है?

(a) Short-term Profit Opportunity

कीमतों में तेजी का फायदा उठाकर ट्रेडर्स शॉर्ट-टर्म में अच्छी कमाई कर सकते हैं। MCX में ट्रेडिंग वॉल्यूम बढ़ गया है।

(c) Volatility भी रहेगी

ज्यादा तेजी के बाद corrections भी आते हैं। इसलिए निवेशकों को risk management के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

निष्कर्ष: क्या चांदी आगे भी रिकॉर्ड बनाएगी?

Silver price soar to record level एक शॉर्ट-टर्म ट्रेंड नहीं है।

  • उच्च औद्योगिक मांग
  • ग्रीन एनर्जी सेक्टर की तेजी
  • वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता
  • निवेशकों का बढ़ा रुझान

ये सभी संकेत देते हैं कि चांदी की मांग आने वाले समय में और बढ़ेगी। हालांकि कीमतों में उतार-चढ़ाव आते रहेंगे, लेकिन long-term outlook काफी मजबूत नजर आ रहा है।

अगर आप कीमती धातुओं में निवेश करने की सोच रहे हैं तो चांदी 2025 और उसके बाद के वर्षों के लिए एक आकर्षक विकल्प बन चुकी है।

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