
शेयर बाजार में अक्सर आपने सुना होगा कि आज FIIs ने बिकवाली की या DIIs ने जबरदस्त खरीदारी की। लेकिन नए निवेशकों के लिए यह समझना ज़रूरी है कि आखिर FIIs और DIIs होते कौन हैं और बाजार पर इनका असर कैसे पड़ता है।
FIIs (Foreign Institutional Investors)
FIIs का पूरा नाम Foreign Institutional Investors है। FIIs, बड़े Investors होते है जो देश के बाहर अपने पैसों को Invest हैं।
FIIs के उदाहरण-
- Foreign mutual funds
- Hedge funds
- Pension funds
- Global banks
👉 FIIs जब भारत में निवेश करते हैं तो विदेशी मुद्रा (Dollar) भारत आती है, जिससे बाजार में तेजी देखने को मिलती है।
📉 FIIs Selling का शेयर बाजार पर असर
जब FIIs selling today होती है तो:
- Sensex और Nifty गिरते हैं
- Stock market crash की आशंका बढ़ती है
- Rupee कमजोर होता है
👉 यही कारण है कि निवेशक रोज FIIs DIIs data today सर्च करते हैं।
DIIs (Domestic Institutional Investors)
DIIs का पूरा नाम Domestic Institutional Investors है। DIIs वे Investors होते है जो अपने देश की बाजार में Invest करते हैं। DIIs प्रायः भारत की संस्थाएँ होती हैं जो long term investment के लिए शेयर बाजार में पैसा लगाती हैं।
FIIs के उदाहरण-
- Indian mutual funds
- LIC of India
- Banks & insurance companies
👉 DIIs आमतौर पर लंबी अवधि के निवेशक होते हैं और बाजार गिरने पर भी खरीदारी करते हैं।
📈 DIIs Buying का बाजार पर असर
- Market fall में support
- SIP investment growth
- Long term wealth creation
- Retail investors confidence
FIIs & DIIs का Current Status देखने के लिए 👇👇👇
FAQ
Q. FIIs क्या होते हैं?
FIIs विदेशी संस्थागत निवेशक होते हैं जो भारतीय शेयर बाजार में निवेश करते हैं।
Q. DIIs क्या होते हैं?
DIIs घरेलू संस्थान होते हैं जैसे म्यूचुअल फंड, LIC आदि।
Q. FIIs selling से market क्यों गिरता है?
क्योंकि बड़ी मात्रा में selling से liquidity कम होती है।
