अब छोटे व्यापारियों के लिए बड़ी खुशखबरी। Amazon छोटे बिज़नेस को लोन देने की तैयारी कर रहा है जबकि Flipkart BNPL और Consumers Loans जैसे फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स लाने वाला है जानिए कैसे ये दोनों e-commerce दिग्गज भारत के कज्यूमर लोन मार्केट को बदलने वाला है।
Amazon
भारत का डिजिटल फाइनेंशियल सेक्टर और एक नए मोड़ पर खड़ा है क्योंकि Amazonऔर Flipkart दोनों आउट फाइनांस की इनडस्ट्री में एंट्री करने की तैयारी में है। एक रिपोर्ट के मुताबिक दोनों ई-कॉमर्स दिग्गज अब सीधे लोन बांटने का काम शुरू करने वाले हैं, जिससे भारत का कंज्यूमर लैंडिंग मार्केट अगले लेवल पर जा सकता है। सबसे पहले Amazon की बात करें तो कंपनी भारत में छोटे बिज़नेस को लोन देने की तैयारी कर रही है। इसी साथ अमेज़ॅन ने बेंगलुरु की Non Bank Lender Company- Axio को खरीदा था। यह वही ऐक्सियो(Axio) है जो अभी BNPL और पर्सनल लोन में इक्टिव है। लेकिन अब इसके जरिए अमेज़ॅन छोटे व्यापारियों को फिर से क्रेडिट देना शुरू करेगा। और ये Cash Management Solution भी ऑफर करेगा। अमेजॉन अब सिर्फ ई-कॉमर्स लिंक बल्कि बिज़नेस ज़ोन का बड़ा प्लेयर भी बनने जा रहा है।

Flipkart
अब बात है Flipkart पर जहाँ वॉलमार्ट की लगभग 80% हिस्सेदारी है फ्लिपकार्ट में कुछ महीना पहले अपनी Non-Bank Lending Units फ्लिपकार्ट फाइनांस को रजिस्टर कराया था। अब RBI की फाइनल मंजूरी का इंतजार है। Company अब दो तरह की फाइनेंशियल सर्विसेज लाने की तैयारी में है। पहला 3-24 महीने तक के No-cost EMI लोन जो ऑनलाइन शॉपर्स को मिलेगा दूसरा कंज्यूमर ड्यूरेबल्स के लिए 18% से 26% तक के Interest वाले लोन। यहाँ पर interest rate परंपरागत लेंडर से थोड़ा ज्यादा है जो आम-तौर पर 12 फीसदी से 22 फीसदी के बीच में देते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक फ्लिपकार्ट अगले साल से अपने फाइनेंशियल प्रॉडक्ट लॉन्च करना शुरू कर देगा भारत का consumer loan market तेजी से बढ़ रहा है CIRF Highmark data के अनुसार यह मार्केट मार्च 2020 में लगभग 80 बिलियन डॉलर से बढ़कर मार्च 2025 में 212 बिलियन डॉलर तक पहुँच गया है। इसमें पर्सनल लोन, क्रेडिट कार्ड और ड्यूरेबल लोन शामिल हैं।
भारत के फाइनेंशियल सेक्टर में आने वाले सालों में बड़ा बदलाव
अमेज़ॅान और फ्लिपकार्ट पहले UPI पेमेंट के टॉप 10 Apps में शामिल है और अब RBI ने उन्हें अपनी यूनिट्स के जरिये सीधे लोन देने की इजाजत भी दे दी। इससे भारत के फाइनेनसियल सेक्टर में विदेशी कंपनियों के लिए एक नया और विशाल रास्ता खुल गया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन कंपनियों के पास ग्राहक डेटा का विशाल भंडार है चाहें वह सप्लाई साइड हो या डिमांड साइड। और यही गिने मार्केट में बड़ा फायदा दिला सकता है। पर असली चुनौती होगी Execution की। अमेज़ोन ने हाल ही में ग्राहकों को ₹1000 से शुरू होने वाले फिक्स डिपोजेट प्रॉडक्ट देने के लिए भी कई लोकल लेंडर के साथ पार्टनरशिप की है। भारत के फाइनेंशियल सेक्टर में आने वाले सालों में बड़ा बदलाव तय है और अमेज़ॅान तथा फ्लिपकार्ट इस बदलाव के केंद्र में नजर आ रहे हैं।
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